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केकई ने श्री राम को क्यों दिया 14 बरस का बनवास उससे ज्यादा या कम क्यों नहीं?

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कैकई राजा दशरथ कनिष्ठ किंतु अत्यंत प्रिय पत्नी थी, केकई के दो वरदानो ने ही रामायण को एक महत्वपूर्ण दिशा दी थी| जब राजा दशरथ देव दानव युद्ध में देवताओं की सहायता के लिए गए थे तब कैकई भी उनके साथ गई थी, इस युद्ध के दौरान राजा दशरथ के रथ का धुरा( लकड़ी  या लोहे का वह मजबूत डंडा  जिसमें दोनों सिरों पर लगे हुए वाहन  के पहिए घूमते है ; अक्ष ) टूट गया, उस समय केकई ने धुुुरेे में अपना हाथ लगाकर रथ को टूटने से बचाया ताकि दशरथ युद्ध जारी रख सकेंं| युद्ध समाप्त होने पर जब राजा दशरथ को इस बात का अंदेशा हुआ तो उन्होंने प्रसन्न होकर कैकई से दो वर मांगने की बात कही, केकई ने उस समय उन वरों को यथासमय मांगने की बात कह कर टाल दिया| जब श्रीराम को युवराज बनाने की बात उठी तब केकई ने अपने उन दो वरों के रूप में श्रीराम के लिए 14 बरस का बनवास और भरत जी के लिए राज्य की मांग कर ली| केकई ने श्रीराम के लिए 14 बरस का बनवास ही क्यों मांगा इसके पीछे तीन मुख्य कारण बताए जाते हैं पहला कारण राजकीय नियम बताया जाता है: त्रेता युग के समय यह नियम था कि अगर कोई राजा 14 बरस के लिए अपना सिंहासन छोड़ देता है तो व...

चेक से पेमेंट करने पर आरबीआई ने किए नए बदलाव RBI Changed Cheque Payment System

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  चेक पेमेंट के दौरान होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए आरबीआई ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, अगले साल 1 जनवरी से यह बदलाव लागू हो जाएंगे| इन नियमों के मुताबिक ग्राहकों को चेक जारी करने के बाद उसकी डिटेल बैंक के साथ साझा करनी होगी और फिर जब यह चेक बैंक में पहुंचेगा तो ग्राहक द्वारा दी गई जानकारी से चेक पर दर्ज जानकारी का मिलान किया जाएगा, दोनों जानकारियों में कोई भेद न मिलने पर ही उस चेक का भुगतान होगा| यह व्यवस्था 1 जनवरी 2021 से लागू होगी इसी  व्यवस्था में नियमों के मुताबिक 50,000 से अधिक के चेक जारी करने पर ग्राहकों को इस बारे में बैंक को जानकारी देनी होगी फिर बैंक द्वारा दी गई जानकारी और चेक पर अंकित जानकारी का मिलान किया जाएगा और दोनों में किसी तरह का अंतर मिलने पर भुगतान को स्थगित कर दिया जाएगा आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर पी वासुदेवन ने इस गाइडलाइन की जानकारी दी और कहा कि इस नई व्यवस्था को पॉजिटिव पे सिस्टम नाम दिया गया है| इस व्यवस्था में चेक जारी करने वाले ग्राहक को मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, SMS, एटीएम आदि के जरिए बैंक को चेक की डेट, प्राप्त कर्ता का नाम,अमाउंट आदि ...

Post office-Minimum 500 Balance to be Maintained डाकघर सेविंग अकाउंट में न्यूनतम ₹500 बैलेंस रखना जरूरी

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  क्या आपका भी पोस्ट ऑफिस में कोई सेविंग अकाउंट है, अगर है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है, पोस्ट ऑफिस ने अपने ग्राहकों के लिए सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखने का नियम लागू कर दिया है|अब यानी 11 दिसंबर 2020 से आपको अपने पोस्ट ऑफिस खाते में ₹500 का न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा, यदि आप ऐसा करने में सफल नहीं होते हैं तो ₹100 मेंटेनेंस चार्ज के रूप में काट लिए जाएंगे और उसके ऊपर जीएसटी भी लगेगा|चार्जेस कटने के बाद यदि अकाउंट में बैलेंस शून्य हो जाता है तो अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा| डाकघर में न्यूनतम ₹500 से नया अकाउंट खोला जा सकता है, पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट पर 4 फ़ीसदी का ब्याज मिलता है, ब्याज के कैलक्युलेशन महीने की दसवीं तारीख और महीने की आखिरी तारीख के बीच मिनिमम बैलेंस राशि के आधार पर किया जाता है| यह खाता सिंगल (एकल) या जॉइंट (संयुक्त) रूप से खुलवाया जा सकता है, 10 साल से अधिक उम्र के नाबालिक के नाम पर या दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए भी पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं, बचत खाता खुलवाने के लिए नॉमिनी आवश्यक होगी| पोस्ट ऑफिस की निर्देशानुसार 3 साल ...

और ऊंचा हुआ माउंट एवरेस्ट!

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  विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट जो कि नेपाल में स्थित हैं,की ऊंचाई को चीन और नेपाल द्वारा संयुक्त रुप से फिर से नापा गया और इसकी ऊंचाई पहले से कुछ अधिक पाई गई| मंगलवार को चीन और नेपाल द्वारा संयुक्त रूप से घोषणा की गई कि माउंट एवरेस्ट की संशोधित ऊंचाई 8848.86 मीटर है, जो कि सन 1954 में भारत द्वारा मापी गई ऊंचाई से 86 सेंटीमीटर अधिक है| 2015 में नेपाल में आए भूकंप के बाद लगाई जा रही अटकलों के बाद नेपाल सरकार ने माउंट एवरेस्ट की सटीक ऊंचाई को फिर से नापने का निर्णय लिया था, क्योंकि कहा जा रहा था कि भूकंप के कारण चोटी की ऊंचाई में कुछ बदलाव की गुंजाइश थी| नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप जावली ने काठमांडू ने कहा कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई फिर से मापी गई है और इसकी ऊंचाई 8848.86 मीटर प्राप्त की गई हैं| इससे पहले भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा 1954 में एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मापी गई थी जो कि नई ऊंचाई से 86 सेंटीमीटर कम थी |खबरों के अनुसार चीन के सर्वेक्षक कौन है 1975 में एवरेस्ट की ऊंचाई 8848.13 मीटर और 2005 में 8844.43 मीटर बताई थी|

कौन सा है दुनिया का सबसे महंगा तरल पदार्थ

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  आपने कभी ना कभी बिच्छू को तो जरूर देखा होगा, या देखा नहीं होगा तो बिच्छू के डंक के बारे में सुना जरूर होगा ! बिच्छू का जहर लगभग 3 करोड़ 90 लाख डॉलर प्रति गैलन या  लगभग 2877544800 ₹  प्रति गैलन ( एक गैलन लगभग 3.785 लीटर के बराबर होता है) की कीमत का है , यह दुनिया का सबसे महंगा तरल पदार्थ हैं|  बिच्छू अपने जहर का इस्तेमाल शिकारियों से बचने तथा अपने शिकार को अपंग करने व मारने में उपयोग करते हैं, लेकिन बिच्छू  की केवल 25 प्रजातियां हैं जिनमें जहर पाया जाता है| आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि बिच्छू के जहर में भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो कि मनुष्य को होने वाले किसी भी तरह के दर्द से निजात दिलाने में सक्षम होता है| कई शोधों से पता चला है कि बिच्छू का जहर हड्डी के नुकसान को रोक सकता है जिससे यह पुराने संधिवात रोगों में जैसे ओस्टियोआर्थराइटिस जैसी स्थितियों में इलाज के लिए एक बहुत ही  उपयोगी पदार्थ बन जाता है| बिच्छू का ज़हर मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), सूजन, आंत्र रोग और रुमेटीइड गठिया से पीड़ित लोगों के इलाज मे काम आता है|

नए संसद भवन का मोदी करेंगे शिलान्यास, जाने नए संसद भवन कि कुछ दिलचस्प बातें

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह में न्योता दिया, इसके बाद उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि "संसद की इमारत नेट पत्थर की नहीं बल्कि 130 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का भवन होगा इसके निर्माण में आने वाले 100 साल की जरूरतों पर ध्यान दिया जा रहा है" गौरतलब है कि 10 दिसंबर दोपहर 1:00 बजे प्रधानमंत्री द्वारा नए संसद भवन का शिलान्यास किया जाएगा इसके साथ ही नए संसद भवन का निर्माण  कार्य भी शुरू हो जाएगा |देश के आजादी के 75 साल यानी सन् 2022 में संसद के दोनों सदनों की बैठकें नये तथा अत्याधुनिक संसद भवन में होंगी और पुराने संसद भवन को देश की धरोहर में शामिल कर लिया जाएगा | नए संसद भवन के बारे में कुछ तथ्य 971 करोड की लागत का अनुमान है,  64500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला होगा यह भवन,  2020 अक्टूबर तक पूरा बनकर तैयार हो जाएगा नया संसद भवन,  नवंबर-दिसंबर  2022 से दोनों सदनों की बैठकें इसी भवन में होगी,  40 वर्ग मीटर का होगा है सांसद का दफ्तर,  लोकसभा में 888 लोगों के बैठने की जगह होगी,...

क्या समय के साथ फिंगरप्रिंट भी बदल सकते हैं?

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  जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक उंगलियों के निशान भी बढ़ते जाते हैं लेकिन उनका आकार और तरीका समय के साथ नहीं बदलता अर्थात फिंगरप्रिंट समय के साथ नहीं बदलते हैं| जैसे जैसे व्यक्ति बढ़ता है वैसे फिंगरप्रिंट भी बढ़ते हैं लेकिन फिंगरप्रिंट का पैटर्न नहीं बदलता फिंगरप्रिंट किसी चोट या आघात, जैसे कट लग जाना घर्षण या त्वचा पर एसिड का गिरना अथवा घाव के कारण अथवा किसी बीमारी के कारण कुछ परिस्थितियों में  खो जाते हैं लेकिन खोए हुए फिंगरप्रिंट कुछ महीनों में वापस बढ़ जाएंगे यह फिंगरप्रिंट बदलते नहीं है लेकिन इन्हें  स्कैन करना और प्रिंट लेना कठिन काम हो जाता है क्योंकि घाव के कारण अंग को चोट पहुंचती है, अंग का आकार विघटित हो जाता है हालांकि कुछ बीमारियों में रोग के उपचार के कारण फिंगरप्रिंट धीरे-धीरे विलुप्त हो जाते हैं लेकिन वह वापस उसी आकार में ढल जाते हैं किंतु उन्हें फिर से उसी आकार में प्रिंट रूप में प्राप्त  करना कठिन हो सकता है|  आजकल फिंगरप्रिंट का महत्व बढ़ गया है अपराध जगत में अपराधी को पकड़ना हो, किसी व्यक्ति का पता लगाना हो अथवा...

फरवरी में सिर्फ 28 दिन क्यों होते हैं?

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साल में फरवरी ऐसा महीना है जिसमें सबसे कम 28 दिन होते हैं ओर हर चार सालों में एक बार फरवरी 29 दिन का होता हैफरवरी में 29 का कारण तो हम सब जानते हैं, पृथ्वी पर एक वर्ष 365 1/4  दिनों का होता है परन्तु एक आम साल में 365 दिन ही गिने जाने के कारण, उस एक चौथाई(1/4) दिन कि भरपाई के लिए हर चौथे साल यानि Leap Year में फरवरी को 29 दिन का कर दिया जाता हैं | अब हम जानते हैं कि फरवरी में सिर्फ 28 दिन ही क्यों होते हैं  आज हम जिस कैलेंडर का उपयोग करते हैं वह सबसे पहले रोमन्स द्वारा उपयोग में लाया गया था और इसे सबसे सबसे पहले रोमन्स द्वारा ही बनाया गया था |  सबसे पहले रोमांस ने 10 महीने का कैलेंडर बनाया था जो कि मार्च से लेकर दिसंबर तक रहता था उसमें जनवरी फरवरी नहीं आते थे रोमन्स ने दिमाग लगाकर कुछ महीने 30 तथा कुछ महीने 31 दिनों के कर दिए थे रोमन्स में कैलेंडर में 2 महीने इसलिए छोड़ दिए थे क्योंकि उन 2 महीनों में सर्दियों के कारण कोई कार्य नहीं होता था उनकी यह धारणा थी कि जब इन 2 महीनों में कोई काम नहीं होता तो इन 2 महीनों को कैलेंडर में जोड़ने का क्या फायदा लेकिन कुछ समय बाद ही इनका ...